कलम-पथ

शब्द जिन्दगी के_____यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी

196 Posts

1093 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12689 postid : 1145717

सकते में 'जय हिन्द'!

  • SocialTwist Tell-a-Friend

15_YATINDRA jpeg[यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी]_बदलने लगी है भारत की परिभाषा! सिनेमा की तरह ही भारतीय राजनीति का युगधर्म भी बदल रहा, क्योंकि अब नायक ही खल-नायक का रोल निभा रहे हैं! जनहित की धौंस पर नफरतों की खेती हो रही है!बुद्ध की बेबसी और महादेव का मौन कौन समझे, गंगा खामोश है फिर भी मुग्ध मगन है भारत। काशी में एक साधू गंगा के हितों की बात करे तो उसपर लाठी, फिर देशद्रोह का मुकदमा और दिल्ली में एक संत शत्रुदेश के झंडे फहराकर पाकिस्तान जिंदाबाद की जयघोष करे, वह नवरत्न। ‘सुई की नोक’ तक भी ‘देशभक्ति’ से समझौता नहीं हो सकता। ‘देशभक्ति’ का रंग तो ‘तिरंगा’ है। जिनकी रगों में देशभक्ति विरासती दौड़ रही है, उसका कतरा-कतरा भी ‘जयहिन्द’ के ही उद्घोष करेगा! राग और द्वेष दोनों ने देश में विद्वेष का माहौल बना रखा है! दरक रहा है देश राष्ट्रधर्म में!

संत सरकार परस्त होता है और साधू शिवार्पित। संत सरकार बनाते है जबकि साधु इंसानियत रचते- रचते अहम ब्रम्हास्मि हो जाता है। ‘अब समय आ गया है जब देश ‘गेरुवा’ और ‘भगवा’ के फर्क महूसस करे! दुनिया संत और साधू के बुनियादी फरक को महसूस करे। भारत योग का जन्म देश है। अहिंसा सत्य की अगुवाई में धर्म की भारतीय राह पर चलकर विश्व का मान दिवस बनता है। धरती के पोषक हम सरहदों से मुक्त ज्ञान का सम्मान करते हैं। भारत ‘संतों’ का देश है, जो ‘अनंत-प्रवाह’ का ‘विश्वगुरु’ है! यहाँ का ‘साधू’ ‘सरहदों’ के ‘जिंदाबाद’ नहीं, दुनिया को केवल एक ‘मंत्र’ देता है, जिसमें सभी के ‘राष्ट्र’-'धर्म’ पोषित होते हैं-’धर्म की जय हो,अधर्म का नाश हो,प्राणियों मे सद्भावना हो,विश्व का कल्याण हो’, ‘गोबध बंद हो,भारत अखंड हो! हर हर महादेव!’

‘प्रधानमंत्री’ के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’, जिस ‘मंच’ पर दरी चांदनी भारत के ‘श्रीश्री’ ‘वीर निष्ठावान सैनिक’ प्रबंधित करें, वहां से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा ‘जय हिन्द’ को आँख तरेरना है। भारत के श्वेत कबूतर का पंख कतरना है। सरहद नहीं अब दिल्ली बदल रही है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय हो या यमुनातीर भारत के ह्रदय दिल्ली में पाकिस्तान के झंडे लहराना और पाकिस्तान जिंदाबाद की गूँज में भारत की टीस दबने लगी है।_[यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी]



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran