कलम-पथ

शब्द जिन्दगी के_____यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी

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मोदी विजन को परास्त कर आम आदमी जीत गया

Posted On: 10 Feb, 2015 social issues में

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15_YATINDRA jpeg[यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी ]_वाटरलू की लड़ाई कौन जीता यह कोई नहीं जानता ! हाँ नेपोलियन (कांग्रेस) हार गया यह दुनिया जान गयी। हमारा सलीका हमारी दिशा तय करता है, जिन दिशाओं की दीवार नहीं होती है। वो ‘जुमलास्ट’ चले थे ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का बीज रोपने, और ‘आम आदमी’ के तूफ़ान ने खुद की जड़ें खोद दी। लहरों की दिशा बदल गयी। आधी दिल्ली के इस जनादेश ने सन्देश दिया कि राजधानी के गलियारों के आँगन में एक बहुत विशाल झुग्गी भी है, जहां आम आदमी की जरूरतें आस लगाये प्रतीक्षारत हैं। तरक्की हासिल कर चुके लोग तो है पर तरक्की के रास्ते घर आने से पहले ही मुड जाते हैं। हमारे देश की दिग्भ्रमित, अवसरवादी, भ्रष्टाचारी राजनीति एवं राजनितिज्ञों ने आम जनता की आवाज को दबा रखा है। भारत में 65 प्रतिशत युवा आबादी है। आम युवा इस देश की दशा और दिशा बदलने की हैसियत रखता है। 21 वीं सदी का भारत जिसको अवसरवादी-राजनीति-मुक्त, कालाधन-मुक्त, भ्रष्टाचार-मुक्त, आम और खास की बुनियादी सुविधा समान रूप, सत्ताभोगी-राजनीति-मुक्त, रोजगारोन्मुख, नशा-मुक्त, अपराध-मुक्त, खुशहाल किसान-युक्त, मजबूत-स्वच्छ एवं समृद्ध आम जनता के हांथों भारत-निर्माण होना है।

जहाँ-जहाँ श्री नरेंद्र मोदी ने रैली की, वहाँ-वहाँ बीजेपी हार गयी। उन्होंने जुमलों की सुनामी खूब दौड़ाई। लहरें आई भी तूफानी पर जाते – जाते सब कुछ समेत गयी। कुछ जुमले दिल्ली कभी नहीं भूल सकेगी -1- “हिंदुस्तान में लोगों को गुमराह करने के लिए कैसी-कैसी कांस्पाइरेसी की जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सीना तान कर कुछ बाजारू लोग सर्वे घोषित करते थे और 50 सीट दे दी थी, अख़बार निकाल कर देखो और आपको सबूत मिल जाएगा। जब परिणाम आए तो वे सबसे बड़े दल के तौर पर भी नहीं आ पाए थे।” 2- “हमें यहां विकास चाहिए, अराजकता नहीं. उनकी मास्टरी धरना करने में है. हमारी मास्टरी सरकार चलाने में हैं।” 3 -”मुझे तो इस बात का अचरज है कि उन्हें महात्मा गांधी और बराक ओबामा तक ने चंदा दिया है!” 4 – “पिछले वर्ष आपने जिसे वोट दिया, उसने आपकी पीठ में छूरा घोंपा और आपके सपने चूर-चूर हो गए। दिल्ली धोखेबाज़ों को वोट नहीं देगी.” 5- “मेरी सरकार बनते ही, देश में पेट्रोल-डीजल के दाम गिर गए। लोग कहते हैं यह तो मोदी का नसीब है, इसमें बुरा क्या है?” 6- ”दिल्ली में ऐसी सरकार चाहिए, जो मोदी से डरे, भारत सरकार से डरे, जिसको केंद्र की परवाह नहीं, वह क्या सरकार चलाएगा?” 7- ”जिन लोगों को सिर्फ टीवी पर आने का शौक है, वो सरकार नहीं चला सकते।”[यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी]

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ashokkumardubey के द्वारा
February 14, 2015

दिल्ली की जनता ने सपनों के सौदागर मोदी को करारा जवाब दिया है क्यूंकि अब जनता झूठे बहलावे में नहीं आने वाली दिल्ली क्या अब पूरे देश की जनता उसीको चुनेगी जो जनता के काम आएगा जनता का काम करेगा युवा हाथों को रोजगार देगा. नेताओं की राजशाही अब देश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करने वाली चतुर्वेदी जी आपने सही लिखा है बधाई

yamunapathak के द्वारा
February 10, 2015

यतीन्द्र जी आपका ब्लॉग बहुत सटीक है .जनता बहुत बड़े बड़े भाषण से ऊबने लगी थी .उसे जमीनी सच्चाई वाले लोग चाहिए साभार


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